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बिटकॉइन कैश के बाद बीटीसी भी हुआ एसबीआई में दर्ज़

रिप्पल और बिटकॉइन कैश के बाद अब बिटकॉइन यानी बीटीसी को भी जापान के बड़े एवं मुख्य समूह एसबीआई  ने क्रिप्टो एक्सचेंज में स्थापित कर लिया है। अब इसी प्लेटफार्म पर बीटीसी की भी ट्रेडिंग शुरू हो गयी है जिसमे ग्राहक को 5 मिलियन तक का कारोबार करने की सीमा निर्धारित है।

स्ट्रैटेजी बिजनेस इनोवेटर ग्रुप (एसबीआई) जापान की मुख्य कंपनियों में से एक है जो की ग्राहकों को बड़े पैमाने पर वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है। इससे पहले एसबीआई ने बिटकॉइन कैश और रिप्पल को एक्सचेंज में लिस्टेड किया था इस कदम के बाद निवेशकों का भरोसा और संख्या दोनों में बढ़ोतरी देखि गयी थी।

नयी व्यवस्था से राह आसान

कम्पनी की इस नयी व्यवस्था का नाम Vctrade है, जिसके ज़रिये बिटकॉइन कैश और बीटीसी का निवेशक बिना किसी मुश्किल के सीधे ही ट्रेड कर सकते हैं। इससे पहले प्लेटफार्म पर ट्रेडिंग में थोड़ी परेशानी सामने आयी थी जिसके बाद यहाँ कॉइन्स को नए सिरे से लिस्टेड किया गया और नयी वयवस्था को लागू करना पड़ा। एसबीआई जापान की उन 16 कंपियों में से एक है जो की सरकार से अधिकृत है और क्रिप्टो में व्यापार कर रही है। जहाँ क्रिप्टो एक्सचेंज की मदद से ग्राहकों को सिक्योरिटी और लोन से सम्बंधित सेवाएं प्रदान की जा रही है।

निवेशकों का फायदा

एएमबी क्रिप्टो के मुताबिक जापान में क्रिप्टो के व्यापार को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए सरकारी एजेंसियों का हस्तक्षेप है। यही वजह है की सरकार की निगरानी के बाद भी एक्सचेंज ने खुद की रेगुलेटरी कमिटी स्थापित की हुई है।

रिप्पल और बिटकॉइन कैश के बाद बीटीसी को लिस्टेड करने के पीछे ट्रेडिंग को अधिक व्यापक बनाना बताया जा रहा है। हाल ही की रिपोर्ट के मुताबिक केवल रिप्पल का ही व्यापार यहाँ 200 मिलियन तक पहुँच गया था और इसके परिणाम को देखते हुए एक्सचेंज में बीटीसी को शामिल करने की योजना को अमल में लाया गया।

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Ashwani is a content writer, journalist and RJ. His words have touched millions over the past one decade through his articles and radio presentations. On OWLT Market, he is reaching out to Hindi readers.

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