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मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए क्रिप्टो वॉलेट पर नज़र

मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक गतिविधियों में क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेंमाल को लेकर रूस ने कड़ा रूख इख्तियार कर लिया है। मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए राज्य की फ़ेडरल फाइनेंशियल मॉनिटरिंग सर्विस (आरएफएफएमएस) ने नयी रणनीति के तहत क्रिप्टो वॉलेट पर नज़र रखने के लिए सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने का निर्णय लिया है। जिसकी मदद से क्रिप्टोकरेंसी के प्रत्येक ट्रांजेक्शन को ट्रेस करना काफी हद तक आसान हो जाएगा और आतंकी गतिविधियों और नशीली दवाओं के धंधे में क्रिप्टो के इस्तेमाल करने वालों की धरपकड़ संभव हो सकेगी।

गैरकानूनी रूप से हो रहा वित्तीय लेनदेन

गौरतलब है कि रूस के कई क्षेत्रों से क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल को लेकर जो ख़बरें मिल रही हैं, उन्हें देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल ट्रांजेक्शन को लेकर काफी सतर्क हो गयी हैं। योजना के तहत अमेरिकी आईटी एक्सपर्ट की मदद से तैयार सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के जरिये आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों और क्रिप्टो का गलत इस्तेमाल कर रहे व्यापारियों को ट्रैस करना आसान हो जायेगा। सुरक्षा एजेंसी को एक ही मंच से ट्रांजेक्शन का समय और करने वाले की पहचान सम्भव हो सकेगी । जिससे गैरकानूनी रूप से हो रही वित्तीय लेनदेन की स्तिथियों की भी पहचान होगी।

बतौर बीबीसी मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम के लिए एजेंसी ने मॉस्को स्थित एक आईटी कम्पनी से इस साफ्वेयर को तैयार करवाया है। इस पर साल भर से काम चल रहा है, कई प्रयोगों के बाद इसे 2018 के अंत तक पूरी तरह से प्रयोग में लाया जा सकेगा।
वहीँ क्रिप्टो न्यूज़ मुताबिक जिस आईटी कम्पनी ने नया सॉफ्टवेयर तैयार किया है। वह सालों से एजेंसी के साथ जुडी हुई है, और इसे पहले आईर्यूल, विसुआलिंक्स, आई 2, वाटसन और क्राइमलिंक जैसे सॉफ्टवेयर का निर्माण कर चुकी है। जबकि रूस में बैँकिंग प्रणाली को मज़बूत और सुरक्षित बनाने वाले कई ऐप और सॉफ्टवेयर यहीं से प्रदान किये गए है।

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Ashwani is a content writer, journalist and RJ. His words have touched millions over the past one decade through his articles and radio presentations. On OWLT Market, he is reaching out to Hindi readers.

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