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टैक्स के दायरे में आएगा अफ़्रीकी क्रिप्टोकरेंसी समुदाय

दक्षिण अफ्रीका में क्रिप्टोकरेंसी का व्यापार करने वाले एक्सचेंज या निवेशक जल्दी ही टैक्स के दायरे में आ सकते है। दक्षिण अफ्रीका राजस्व सेवा (एसएआरएस) ने इस सम्बन्ध में एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और मंज़ूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। टैक्स की दरों और श्रेणी के बारे में अभी कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन निवेशकों को यह भरोसा दिलाया गया है कि किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क वहन नहीं किया जाएगा। जबकि क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर वैट भी नहीं लगाया जायेगा।

सामान्य टैक्स प्रणाली में शामिल

गौरतलब है कि अप्रैंल माह में क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगाने कि बात कही थी। चूँकि राज्य में क्रिप्टो व्यापर व्यापक रूप से रहा है। ऐसे में राजस्व कि कमाई ओर निगरानी के लिए इस पर टैक्स लगाने कि जरूरत महसूस की जा रही थी। एसएआरएस ने व्यापारी वर्ग ओर राज्य नीतियों के जानकारों के सुझाव लेने के बाद नया ड्राफ्ट तैयार किया है। इसके अंतर्गत उन सभी संभावनाओं कोलेकर विचार साझा किये गए है। जिसमें क्रिप्टोकरेंसी पर किस तरह का टैक्स लगाया जा सकता है इसकी जानकारी दी गयी है। हालांकि साफ़ तौर पर कहा गया है कि इस व्यापार को वैट के अंतर्गत नहीं समझा जायेगा यानी वैट वसूला नहीं जाएगा। चूँकि क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिये एक्सचेंज आमदनी कर रही है तो उन्हें सामान्य टैक्स प्रणाली में शामिल किया जा सकता है।

क्रिप्टोवेस्ट के मुताबिक क्रिप्टोकरेंसी पर आयकर लगाने कि कवायद हो रही है। प्रयास किये जा रहे हैं कि राज्य में सक्रीय सभी क्रिप्टो वॉलेट धारकों को सूचिबद्ध कर उनकी आय की जानकारी के हिसाब से टैक्स वसूल किया जा सकता है। विभाग में एक समुदाय इसे वैट के दायरे में लाने के लिए ज़ोर दे रहा था। लेकिन बाद में नियमों में फ़ेरबदलकर आयकर श्रेणी में इसे निर्धारित करने का फैसला लिया गया। सम्बंधित मंत्रालय से मंज़ूरी मिलने के बाद ही इसे लागू किया जायेगा।

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Ashwani is a content writer, journalist and RJ. His words have touched millions over the past one decade through his articles and radio presentations. On OWLT Market, he is reaching out to Hindi readers.

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