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बिटकॉइन माईनिंग – अर्थ एवं प्रक्रिया

बिटक्वाइन ने इंटरनेट के माध्यम से लोगों के दिमाग में अपनी एक पहचान तो बना लिया है पर वास्तव में बिटक्वाइन जैसी अत्याधुनिक इन्टरनेट तकनीकी अभी भी एक आम जन की समझ से बाहर है आज भी बहुत सारे ऐसे प्रश्न है जिनका उत्तर समझने के लिए हमें थोड़ा ध्यान लगाने की ज़रूरत होती है ऐसा ही एक शब्द है बिटकॉइन माइनिंग आइये समझते है की यह क्या है और कैसे काम करता है

बिटकॉइन माइनिंग का अर्थ

 बिटकॉइन के सार्वजनिक बहीखाते में किसी ट्रांजेक्शन (अंतरण) को अपडेट करने की प्रक्रिया को माइनिंग कहा जाता है | जैसे आप कभी अपने पासबुक पर अपने सभी लेनदेन का विवरण बैंक में प्रिंट करवाने जाते हैं वैसे ही बिटकॉइन के लेनदेन को भी उसके ऑनलाइन बहीखाते में अपडेट किया जाता है और यही प्रक्रिया माइनिंग कहलाती है | जैसे आप के पासबुक में पुराने लेनदेन के विवरण होते हैं और उसके आगे आप नए विवरण अपडेट करवाते रहते हैं वैसे ही बिटकॉइन में भी होता है | आप किसी बिटकॉइन के सभी लेनदेन ऑनलाइन देख सकते हैं |

माइनिंग का मुख्य उद्देश्य

 माइनिंग का मुख्य उद्देश्य है बिटकॉइन नोड्स को एक सुरक्षित, फिशिंग एवं छेड़छाड़ रहित अनुमति प्रदान करना| माइनिंग भी एक ऐसा मैकेनिज्म है जो बिटकॉइन को सिस्टम में लांच करता है | माइनर्स को माइनिंग के एवज में फीस भी मिलती है और साथ ही साथ नए बिटकॉइन हेतु “सब्सिडी” भी मिलती है |

यह एक विकेन्द्रीकृत तरीके से नए सिक्के के प्रसार के साथ-साथ लोगों को सिस्टम की सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य के लिए प्रेरित करता है। इसे बिटकॉइन माइनिंग इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अन्य वस्तुओं की खनन जैसा होता है: इसके लिए परिश्रम की आवश्यकता होती है और यह धीरे-धीरे एक दर से नइ मुद्रा उपलब्ध करवाता है जैसे  सोने को जमीन से खनन करते हैं। इस माइनिंग प्रक्रिया से बिटकॉइन प्राप्त करने के अलावा आप इसे मुद्रा विनिमय, ऑनलाइन गेम्स, प्रोडक्ट्स और सेवाओं की बिक्री के बदले भी प्राप्त कर सकते हैं |

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Ashwani is a content writer, journalist and RJ. His words have touched millions over the past one decade through his articles and radio presentations. On OWLT Market, he is reaching out to Hindi readers.

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