हिंदी

ब्लॉकचेन तकनीक से मज़बूत होंगे ब्राज़ीलियन बैंक

बैंकिंग क्षेत्रों को मज़बूत और डाटा सेवाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सेन्ट्रल बैंक ऑफ ब्राज़ील ने ब्लॉकचेन आधारित एक नए प्लेटफॉर्म को उपयोग में लाने का निर्णय लिया है। नए प्लेटफॉर्म की मदद से देशभृ र चल रहे आर्थिक लेनदेन और बैंकिंग व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सकेगी।  पियर नामक यह प्रणाली पहले से ही संचार और उद्योग क्षेत्र पर नियंत्रण रखने के लिए नियामकों की तरफ से अपनायी जा रही है।

क्रिप्टोग्राफिक हस्ताक्षरकचैन

द सेंट्रल बैंक ऑफ ब्राज़ील ने जिस नए प्लेटफॉर्म पर भरोसा जताया है वह पियर है यानी इन्फॉर्मेशन इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म फॉर रेगुलेटर्स। इसकी ख़ास बात ये है की यहाँ क्रिप्टोग्राफिक हस्ताक्षर के ज़रिये डाटा को सुरक्षित रखा जाता है चूँकि यह ब्लॉकचेन प्रणाली पर आधारित है तो इसे चोरी करना या इसमें दखल देना बेहद मुश्किल है। एक तरफ जहाँ डाटा को तेज़ी के साथ ग्राहक के साथ बांटा जाएगा वहीँ इस तकनीक से प्रोसेसिंग में गलती होने की सम्भावनाये भी काम रहेंगी।

नए प्लेटफॉर्म की ज़रूरत

एएमबी क्रिप्टो के मुताबिक अभी तक यह साफ़ नहीं हुआ है की ये व्यवस्था कौनसी ब्लॉकचेन प्रणाली पर आधारित होगी क्यूंकि संस्थाओं की ओर से ऐथेरियम, कोरडा और कोरम पर पिछले काफी समय से रिसर्च की जा रही थी। बिटकॉइन को पहले सरकार ने मात्र एक पिरामिड प्रणाली के बराबर माना था और इसके भविष्य पर सवाल खड़े किये थे लेकिन ब्लॉकचेन की अन्य व्यवस्थाओं पर गौर करने के बाद इसे सुरक्षित माना गया।

नए प्लेटफॉर्म की ज़रूरत पिछले कुछ समय से बैंकिंग की धीमी चाल और डाटा लीक होने की कुछ ख़बरों ने रेगुलेटर्स की बेचैनी बढ़ा दी थी। जिसके बाद तुरंत कार्यवाही करते हुए एक नए प्लेटफॉर्म पर बैंकिंग के सभी केंद्रों को संचालित करने का निर्णय लिया गया और ब्लॉकचेन को प्राथमिकता दी गयी। जिसकी मदद से ग्राहकों के डिटेल्स और ट्रांजेक्शन को तेज़ी और अधिक सुरक्षा के साथ आगे बढ़ाया जा सकेगा।

[The views and opinions expressed in this article are those of the authors and do not necessarily reflect the views and/or the official policy of the website. ]
coinmag

Ashwani is a content writer, journalist and RJ. His words have touched millions over the past one decade through his articles and radio presentations. On OWLT Market, he is reaching out to Hindi readers.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *